साइबर सुरक्षा संगठन कस्पर्स्की ने बताया कि चीन से जुड़े हैकिंग समूह ने लोकप्रिय विंडोज़ सॉफ़्टवेयर डेमन टूल्स में छिपी बैकडोर स्थापित की है। कंपनी के अनुसंधान के अनुसार, इस मैलिशियस कोड के साथ कई संशोधित संस्करण वितरित किए गए, जिससे कई उपयोगकर्ता अनजाने में इसे इंस्टॉल कर रहे थे।

कस्पर्स्की ने दर्जनों सैकड़ों संक्रमण प्रयासों को ट्रैक किया और कम से कम बारह सफल हमलों की पुष्टि की। यह बैकडोर सिस्टम के फ़ाइल सिस्टम पर अनधिकृत पहुंच प्रदान करता है और संवेदनशील डेटा चुराने, रैनसमवेयर स्थापित करने या दूरस्थ नियंत्रण स्थापित करने में इस्तेमाल हो सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया कि इस हमले में ‘ड्राइवर-आधारित’ तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे मालवेयर को एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर से बचना आसान हो गया। कस्पर्स्की ने सभी डेमन टूल्स उपयोगकर्ताओं को आधिकारिक वेबसाइट से सॉफ़्टवेयर डाउनलोड करने और अनजान स्रोतों से मिलने वाले संस्करणों से बचने की सलाह दी। साथ ही, मौजूदा इंस्टॉलेशन को हटाकर नवीनतम सुरक्षित संस्करण स्थापित करने का सुझाव दिया गया।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के हमले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती जटिलता को दर्शाते हैं, और उपयोगकर्ताओं को नियमित पैच अपडेट और एंटीवायरस संरक्षण को प्राथमिकता देनी चाहिए।