शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी इंस्ट्रक्चर पर हालिया साइबर हमले में छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी चुराई गई है। कंपनी ने बताया कि हैकर्स ने इस सेवा का उपयोग करने वाले कई संस्थानों के डेटा को विदेशी सर्वर पर स्थानांतरित कर लिया। प्राप्त सैंपल में छात्रों के नाम, ई‑मेल, जन्म तिथि, पाठ्यक्रम रेकॉर्ड और कभी‑कभी वित्तीय विवरण शामिल थे। उल्लेखित डेटा का पहला संकेत कंपनी के सुरक्षा टीम द्वारा कुछ असामान्य नेटवर्क ट्रैफ़िक की पहचान पर मिला, जिसके बाद विस्तृत जांच शुरू हुई। सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, इस प्रकार की हमले अक्सर फ़िशिंग या कमजोर पासवर्ड का फायदा उठाते हैं। इंस्ट्रक्चर ने तुरंत प्रभावित संस्थानों को सूचना दी और सभी उपयोगकर्ताओं को पासवर्ड रीसेट करने व दो‑कारक प्रमाणीकरण सक्रिय करने का सुझाव दिया। कंपनी ने घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार कर नियामक अधिकारियों को सौंपने का वचन दिया। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि शैक्षणिक प्लेटफ़ॉर्म पर डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि छात्र जानकारी का दुरुपयोग पहचान चोरी और वित्तीय धोखाधड़ी में हो सकता है। उपयोगकर्ताओं को अनजान ई‑मेल लिंक या संलग्नक से बचने की सलाह भी दी गई है। इस घटना से शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल सुरक्षा उपायों की पुनर्समीक्षा की आवश्यकता स्पष्ट हुई है। Post navigation Meta के एआई‑सिस्टम से युवा उपयोगकर्ताओं की पहचान में नई तकनीक कस्पर्स्की ने चेतावनी दी: चीनी हैकर्स ने डेमन टूल्स में बैकडोर लगाया