बिहार के कैमूर जिले में अंधविश्वास के कारण एक मासूम बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। सर्पदंश के बाद समय पर अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने से बच्चे की हालत बिगड़ गई। घटना में एक मासूम की जान चली गई, जबकि दूसरा बच्चा गंभीर रूप से बीमार बताया जा रहा है। परिवार ने कथित तौर पर पहले पारंपरिक उपचार का सहारा लिया। विशेषज्ञों के अनुसार सांप काटने की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद जरूरी होता है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों को सर्पदंश के मामलों में जागरूक रहने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लोगों से अंधविश्वास से बचने की अपील करते हैं। समय पर इलाज मिलने से ऐसे मामलों में जीवन बचाया जा सकता है। पुलिस और प्रशासन घटना की जानकारी जुटा रहे हैं। Source: Source Post navigation हजारीबाग में बारिश से गिरी मिट्टी की दीवार, मलबे में मिला चांदी के सिक्कों से भरा पुराना घड़ा नारनौल नागरिक अस्पताल का सर्जिकल वार्ड 15 दिन बंद, मरम्मत के दौरान मरीज ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट