विशाखापत्तनम को भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस राजधानी बनाने की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है। गूगल के 15 अरब डॉलर के प्रस्तावित हब को इस दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। शहर में 6 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर विकास की योजना बनाई जा रही है। इससे रोजगार के नए अवसर और वैश्विक कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद है। बड़े तकनीकी निवेश से क्षेत्र की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। हालांकि, इस विस्तार के लिए बड़ी मात्रा में जमीन, बिजली और पानी की जरूरत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे की उपलब्धता इस परियोजना की सफलता में अहम भूमिका निभाएगी। डेटा सेंटर उद्योग के बढ़ने से स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिल सकता है। सरकार और कंपनियां मिलकर इस तकनीकी बदलाव को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। आने वाले वर्षों में विशाखापत्तनम का AI क्षेत्र में महत्व बढ़ सकता है। Source: Source Post navigation दुनिया के 10 सबसे महंगे किराये वाले शहरों की सूची में मुंबई और दिल्ली की क्या है रैंकिंग?