यमुनानगर के सभरवाल टायर्स शोरूम फायरिंग और रंगदारी मामले में पुलिस जांच अब साजिश के मुख्य सूत्रधार तक पहुंचने पर केंद्रित है। बिहार और राजस्थान से गिरफ्तार किए गए दो शूटरों से पूछताछ के बाद पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जिसने वारदात के निर्देश दिए थे। शुरुआती जांच में शूटरों के सीधे किसी आतंकी संगठन से जुड़े होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब उस मध्यस्थ या हैंडलर की भूमिका की जांच कर रही है जिसके जरिए पूरी साजिश को अंजाम दिया गया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हैंडलर किस नेटवर्क से जुड़ा है और उसका संचालन कहां से हो रहा था। गिरफ्तार आरोपियों राजेश कुमार और सरजीत से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनके मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। एजेंसियां वारदात से पहले और बाद में आरोपियों के संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं। 11 जुलाई की रात रामपुरा कॉलोनी स्थित शोरूम पर बाइक सवार बदमाशों ने छह राउंड फायरिंग की थी। घटना के बाद मौके पर धमकी भरा पर्चा छोड़ा गया था और कारोबारी से विदेशी नंबर के जरिए रंगदारी मांगी गई थी। पुलिस का कहना है कि हैंडलर की पहचान पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी है। तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के प्रयास जारी हैं।

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