गुरुग्राम के पॉश इलाके डीएलएफ फेज-3 में भाषाई भेदभाव का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बिहार के रहने वाले एक युवक की महज इसलिए बेरहमी से पिटाई कर डाली, क्योंकि स्थानीय दबंगों को उसकी भाषा समझ नहीं आ रही थी। आरोपियों ने युवक पर तब तक थप्पड़ों और घूसों की बरसात की, जब तक वह बेहोश होकर जमीन पर नहीं गिर गया। खून से लथपथ पीड़ित इस समय अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। पुलिस को दिए बयान के अनुसार मूल रूप से बिहार के भोजपुर, गांव सन्देरा के रहने वाले आदित्य राज पांडेय वर्तमान में डीएलएफ फेज-3 में किराये पर रहते है। वह सेक्टर-48 स्थित कैंडोर टेकस्पेस की ‘टेलीपरफॉर्मेंस’ कंपनी में नौकरी करता है। 20 मई 2026 की रात करीब 8 बजे उसके सहकर्मी अंश त्यागी ने उन्हें फोन कर डीएलएफ फेज-3 की ही बिल्डिंग नंबर U61/4 में मिलने बुलाया, जो उनके एक अन्य दोस्त जोएल के. जोस का कमरा था। दोस्त पर भरोसा कर आदित्य राज 21 मई की रात करीब 2 बजे वहां पहुंचे। “तेरी भाषा समझ नहीं आती”… और शुरू हो गई दरिंदगी कमरे में अंश त्यागी और जोएल के अलावा दिल्ली-एनसीआर के दो दबंग उदय सनसनवाल और निखिल सनसनवाल एक लड़की के साथ मौजूद थे। दोनों आरोपियों ने भारी मात्रा में शराब पी रखी थी। कुछ देर बाद जोएल नीचे खाने का सामान लेने चला गया। जोएल के जाते ही उदय और निखिल ने दित्य राज पर फब्तियां कसनी शुरू कर दीं। उन्होंने आदित्य राज की हिंदी और क्षेत्रीय लहजे का मज़ाक उड़ाते हुए कहा, “हमें तुम्हारी भाषा समझ नहीं आ रही है।” जब आदित्य राज ने इस घिनौने बर्ताव और गालियों का विरोध किया, तो आरोपियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। चेहरे और सिर पर बरसाए बेरहमी से घूंसे विरोध करने पर उदय सनसनवाल ने आदित्य राज को पहला जोरदार थप्पड़ जड़ा। दोस्त अंश त्यागी ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया, लेकिन उदय और निखिल पर खून सवार था। दोनों ने मिलकर आदित्य राज को घेर लिया और उनके सिर व चेहरे पर ताबड़तोड़ घूंसे और थप्पड़ बरसाने शुरू कर दिए। वह लगातार आदित्य राज के चेहरे पर वार कर रहे थे ताकि उन्हें गंभीर चोटें आएं। इस जानलेवा हमले के दौरान दित्य राज दर्द से चीखते रहे, लेकिन निर्दयी हमलावरों का दिल नहीं पसीजा। दोस्त न आते तो हो जाती हत्या इसी बीच खाने का सामान लेकर जोएल नीचे से वापस आया। जोएल और अंश ने अपनी जान पर खेलकर आदित्य राज को उन दोनों दरिंदों के चंगुल से छुड़वाया। पीड़ित ने बताया कि अगर दोनों दोस्त बीच में न आते, तो उदय और निखिल उनकी पीट-पीटकर हत्या ही कर देते। जाते-जाते भी दोनों आरोपी दित्य राज को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। अत्यधिक खून बहने और गंभीर चोटों के कारण दित्य राज वहीं बेहोश हो गए। दोस्त उन्हें आनन-फानन में आर.बी.एस अस्पताल लेकर भागे, जहां उनका इलाज चल रहा है। मामले की जांच कर रही पुलिस इस संबंध में पुलिस का कहना है कि आदित्य राज के बयान पर उदय और निखिल सनसनवाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और दोनों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। जल्द ही आरोपियों को अरेस्ट कर लिया जाएगा। Source: Source Post navigation पानीपत में मोबाइल दुकान में पेट्रोल छिड़क लगाई आग:पिता को लेकर अस्पताल गया था दुकानदार; पीछे से फोन ठीक कराने आए ग्राहक हरिद्वार से 2 नाबालिग गिरफ्तार, फैक्ट्री मालिक पर हमला