चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित एक रिटायर्ड IPS अधिकारी की कोठी में 18 वर्षीय युवती पप्पी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। मृतका के भाई राहुल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें बहन से मिलने या उसका चेहरा देखने तक नहीं दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले केवल बहन की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई थी। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें कोठी के अंदर जाने से रोक दिया। कुछ देर बाद पुलिस शव को बाहर लेकर आई और सीधे अस्पताल भेज दिया। मृतका के पिता नेक राम ने कहा कि बेटी से उनकी आखिरी बार कुछ सेकंड की ही बातचीत हुई थी। पिता के अनुसार पप्पी ने फोन पर काम का दबाव और मन नहीं लगने की बात कही थी। परिवार का दावा है कि पप्पी आत्महत्या नहीं कर सकती थी और उसकी हत्या की गई है। परिजनों ने कोठी के मालिकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पिता ने यह भी कहा कि पप्पी एक सप्ताह पहले ही इस कोठी में काम करने लगी थी और घर की आर्थिक मदद के लिए नौकरी कर रही थी। परिवार ने आरोप लगाया कि इसी कोठी में पहले भी एक नौकरानी की संदिग्ध मौत हो चुकी है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि की जाएगी। Source: Source Post navigation करनाल में ढाबे पर हमला, कर्मचारी से मारपीट और तोड़फोड़; पुलिस ने कई आरोपियों पर केस दर्ज किया बकरी को बचाने के प्रयास में पुलिया से टकराई बाइक, एक परिवार के तीन लोग घायल