छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के 11 नगरीय निकायों में काम कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटरों को राहत दी है। अदालत ने करीब 10 वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के मामले में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मामला सेवा समाप्ति और कई महीनों से लंबित वेतन से जुड़ा हुआ है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य शहरी विकास अभिकरण को छह सप्ताह के भीतर निर्णय लेने को कहा है। कंप्यूटर ऑपरेटरों ने अपनी सेवाओं की बहाली और बकाया वेतन को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं पर विचार किया गया। अदालत के निर्देश के बाद कर्मचारियों को उम्मीद जगी है। संबंधित विभागों को अब तय समय सीमा में मामले पर कार्रवाई करनी होगी। यह फैसला नगरीय निकायों में कार्यरत अन्य संविदा कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगे की कार्रवाई सरकार और संबंधित एजेंसियों के निर्णय पर निर्भर करेगी। Source: Source Post navigation बोर्डिंग पास जारी करने के बाद भी शिशु को फ्लाइट में चढ़ने से रोका, कतर एयरवेज पर 10 लाख रुपये का जुर्माना दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला: तलाक न होने पर भी पत्नी को मिलेगा गुजारा भत्ता, धारा 125 CrPC की उदार व्याख्या