केरल उपभोक्ता आयोग ने कतर एयरवेज को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामला एक परिवार के दो बच्चों को फ्लाइट में बोर्डिंग से रोकने से जुड़ा है। इनमें एक शिशु भी शामिल था। आयोग के अनुसार एयरलाइन ने बोर्डिंग पास जारी करने के बाद भी यात्रियों को विमान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी। इस कार्रवाई को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया। परिवार को इस फैसले के कारण मानसिक परेशानी और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आयोग ने एयरलाइन की कार्रवाई को मनमाना बताया। आदेश के अनुसार कतर एयरवेज को 45 दिनों के भीतर मुआवजा देना होगा। उपभोक्ता आयोग ने यात्रियों के अधिकारों की रक्षा को महत्वपूर्ण बताया। मामले में एयरलाइन की जवाबदेही तय की गई है। इस फैसले से विमानन सेवाओं में उपभोक्ता अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश गया है। Source: Source Post navigation खेल यूनिवर्सिटी में यौन उत्पीड़न मामले में कमेटी सदस्य ही दोषी, महिला अधिकारी को अश्लील संदेश भेजने का आरोप छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, 11 नगरीय निकायों के कंप्यूटर ऑपरेटरों के वेतन और बहाली मामले में राहत