सोशल मीडिया पर छात्रों द्वारा अभद्र भाषा और गाली-गलौज के इस्तेमाल का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। एक रिटायर्ड अधिकारी ने इस संबंध में याचिका दायर की है। याचिका में मांग की गई है कि गाली-गलौज करने वाले छात्रों को सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया जाए। याचिकाकर्ता ने छात्रों में अनुशासन और जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देने की जरूरत बताई है। सोशल मीडिया पर बढ़ती आपत्तिजनक भाषा को लेकर चिंता जताई गई है। मामले में अदालत से उचित दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है। याचिका में छात्रों के व्यवहार सुधारने के लिए वैकल्पिक कदमों का सुझाव दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर आगे सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस मुद्दे ने ऑनलाइन आचरण और शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन को लेकर बहस शुरू कर दी है। Source: Source Post navigation बृजभूषण सिंह बरी होने के बाद विनेश फोगाट बोलीं- उम्मीद नहीं छोड़ी, कानूनी लड़ाई जारी रहेगी लोकसभा ने बिना चर्चा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक पारित किया