संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अंतरजातीय विवाह का समर्थन करते हुए कहा है कि विवाह को व्यक्तिगत बंधन नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए. Post navigation BJP में विधायक दल की बैठक आज, बंगाल में CM चेहरे पर लगेगी मुहर दिल्ली से हार्वर्ड तक… नीतीश मिश्रा के पास हैं कितनी डिग्रियां?