भारतीय सेना की ‘डोगरा रेजिमेंट’ में तैनात 27 वर्षीय फौजी बीते 17 मई से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हैं। गुरदासपुर के सीमावर्ती क्षेत्र के गांव दाखला का रहने वाला जवान जसविंदर कुमार असम में अपनी ड्यूटी पर गया था। लेकिन, अचानक रास्ते में ही परिवार से उसका संपर्क टूट गया। जिसके चलते परिवार परेशान है और किसी अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार ने आशंका जताई है कि असम में सक्रिय किसी आपराधिक गिरोह ने जवान का अपहरण कर लिया है। डिब्रूगढ़ रेलवे स्टेशन पर आखिरी बार देखा गया जानकारी के अनुसार जसविंदर कुमार 1 महीने की छुट्टी के बाद 17 मई को अमृतसर रेलवे स्टेशन से डिब्रूगढ़ (असम) के लिए ट्रेन द्वारा रवाना हुआ था। डोगरा रेजिमेंट की यूनिट से परिजनों को मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जसविंदर को आखिरी बार असम के डिब्रूगढ़ रेलवे स्टेशन पर देखा गया था, लेकिन उसके बाद वह अपनी यूनिट में रिपोर्ट करने नहीं पहुंचा और रहस्यमयी ढंग से लापता हो गया। अजनबी के पास मिला सिम कार्ड, गहराया शक जसविंदर के पिता का पहले ही देहांत हो चुका है और घर में उसकी बूढ़ी मां व अन्य परिजन हैं। परिजनों का शक तब और गहरा गया जब 21 मई को जसविंदर का मोबाइल फोन अचानक ऑन हुआ। जब जसविंदर के चाचा ने उस नंबर पर संपर्क किया, तो आगे से किसी अजनबी व्यक्ति ने फोन उठाया। उस स्थानीय व्यक्ति का दावा था कि उसे यह सिम कार्ड कहीं रास्ते में गिरा हुआ मिला था। इस बातचीत के तुरंत बाद वह फोन फिर से स्थाई रूप से बंद हो गया। इसी घटना के बाद से परिवार को किसी बड़ी अनहोनी या अपहरण का डर सता रहा है। सेना की यूनिट पहुंची गांव, जांच तेज जसविंदर के लापता होने की गंभीरता को देखते हुए सेना की डोगरा रेजिमेंट भी पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। यूनिट के सदस्य और अधिकारी सुराग जुटाने के लिए जसविंदर के पैतृक गांव दाखला पहुंचे और परिजनों से विस्तृत पूछताछ की। सेना अपने स्तर पर स्थानीय पुलिस और जीआरपी के सहयोग से सर्च ऑपरेशन चला रही है। “कोई तो मेरे बेटे को ढूंढ लाओ…” गांव दाखला में इस वक्त सन्नाटा और मातम का माहौल है। जसविंदर की बूढ़ी मां की आंखें पथरा गई हैं। रोते हुए मां ने बताया कि मेरी आखिरी बार जसविंदर से बात तब हुई थी जब वह दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा था। वह बिल्कुल ठीक था और खुश था। बाद में पता चला कि वह डिब्रूगढ़ भी पहुंच गया। लेकिन उसके बाद उसका फोन बंद हो गया। सरकार और सेना से मेरी हाथ जोड़कर विनती है कि मेरे बेटे को ढूंढ कर लाओ। परिजनों और ग्रामीणों ने केंद्र सरकार, रक्षा मंत्रालय और पंजाब सरकार से गुहार लगाई है कि असम सरकार से संपर्क साधकर सर्च ऑपरेशन में और तेजी लाई जाए, ताकि देश की रक्षा करने वाले इस जवान को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाया जा सके। Source: Source Post navigation दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड की बेरहम हत्या ज्वेलरी व्यापारी की बीच बाजार में गोली मारकर हत्या:पेंड्रा के साप्ताहिक बाजार में 3 बदमाशों ने लूटपाट की,विरोध करने पर नजदीक से की फायरिंग