बॉम्बे हाईकोर्ट ने नागपुर शहर के खराब होते बस स्टॉप बुनियादी ढांचे पर स्वत: संज्ञान लिया है। अदालत ने इस मामले में जनहित याचिका की कार्यवाही शुरू की है। यह कदम बस स्टॉप की बदहाल स्थिति को लेकर प्रकाशित खबरों के आधार पर उठाया गया है। जस्टिस अनिल एस. किलोर और जस्टिस राज डी. वाकोडे की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई शुरू की। अदालत ने माना कि बिना उचित आश्रय के बस का इंतजार करना नागरिक सुविधाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। बस स्टॉप पर यात्रियों को हो रही परेशानियों को लेकर चिंता जताई गई है। मामले में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं और नागरिक अधिकारों से जुड़े पहलुओं की जांच की जाएगी। हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों से स्थिति सुधारने को लेकर जवाब मांगे जाने की प्रक्रिया शुरू की है। नागपुर में कई बस स्टॉप की खराब हालत को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अदालत की पहल का उद्देश्य यात्रियों के लिए बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं सुनिश्चित करना है। मामले में आगे की सुनवाई जारी रहेगी। Source: Source Post navigation नोटरी विवाह प्रमाणित नहीं कर सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फर्जी दस्तावेज़ पर लाइसेंस किया निलंबित 15 साल पुराने हत्या मामले में फैसला: कोर्ट ने दो आरोपियों को सुनाई सजा, शराब विवाद से शुरू हुआ था फसाद