नेपाल के मंत्रिमंडल ने संवैधानिक परिषद से संबंधित अध्यादेश को फिर से राष्ट्रपति को भेज दिया है। यह कदम तब आया जब पिछले चरण में राष्ट्रपति द्वारा अध्यादेश पर टिप्पणी की गई थी। नई प्रस्तुति में संशोधित प्रावधानों और परामर्श प्रक्रिया को स्पष्ट करने का प्रयत्न किया गया है। इस अध्यादेश का उद्देश्य संवैधानिक परिषद की सदस्यता, कार्यकाल और नियुक्ति प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है, जिससे सरकार के कार्य में पारदर्शिता बढ़ेगी। राष्ट्रपति के पुनः विचार के बाद यदि अध्यादेश को मंजूरी मिलती है, तो यह नेपाल में संवैधानिक संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। इस विकास का राजनीतिक तटस्थ विश्लेषक भी निकट भविष्य में बयान देने का इरादा रखते हैं। Post navigation फुटबॉल फोकस के 52 साल के सफर के बाद अंत