मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के वनांचल क्षेत्रों में मौसमी बीमारी का प्रकोप सामने आया है। बैहर विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी बहुल गांवों में स्वास्थ्य संकट की स्थिति बनी हुई है। कुंडेकसा सहित आसपास के वनग्रामों में बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले 15 दिनों में तीन बच्चों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों द्वारा इलाज के बजाय झाड़-फूंक कराने की बात भी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को देखते हुए गांवों में चिकित्सा शिविर लगाया है। टीम ने ग्रामीणों की जांच कर दवाएं और स्वास्थ्य सलाह उपलब्ध कराई है। अधिकारियों ने लोगों से समय पर अस्पताल पहुंचने की अपील की है। विभाग बीमारी के कारणों और प्रभावित लोगों की संख्या का पता लगाने में जुटा है। आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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