बिलासपुर जिले में पुलिस जांच की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। थानों में गवाह तैयार करने और वैज्ञानिक साक्ष्यों की अनदेखी करने से कई आरोपी बरी हो गए हैं। अदालतों ने चार बड़े मामलों में आरोपियों को संदेह का लाभ दिया है। पुलिस की ‘शॉर्टकट’ जांच अपराधियों के लिए सुरक्षा कवच बन गई है। जांच की गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है। पुलिस को वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लेना चाहिए। आरोपियों को बरी होने से अपराध बढ़ सकते हैं। पुलिस की लापरवाही से न्याय नहीं मिल पा रहा है। बिलासपुर पुलिस को अपनी जांच प्रणाली में सुधार करना होगा।

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