भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 2026 के अंत तक बड़ा विस्तार होने की उम्मीद है। अनुमान है कि देश में पांच से छह सेमीकंडक्टर परियोजनाएं व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर सकती हैं। India Semiconductor Mission का दूसरा चरण इस क्षेत्र के दायरे को और बढ़ाने पर केंद्रित है। इसमें चिप डिजाइन, विनिर्माण और उन्नत अनुसंधान को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने पर भी जोर दे रही है। उद्योग की जरूरतों के अनुरूप विशेषज्ञ मानव संसाधन विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत भूमिका दिलाने पर भी ध्यान है। Semicon India 2026 में वैश्विक उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। सम्मेलन के जरिए साझेदारी और निवेश को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। इससे भारत में चिप निर्माण और तकनीकी क्षमताओं को गति मिलने की संभावना है। सरकार सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विभिन्न हिस्सों को एक साथ विकसित करने पर जोर दे रही है। 2026 के अंत तक परियोजनाओं का व्यावसायिक उत्पादन शुरू होना इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा सकता है। Source: Source Post navigation रितु नारायण की Zum ने रचा इतिहास, 1.7 अरब डॉलर की वैल्यूएशन के साथ अमेरिकी स्कूल ट्रांसपोर्ट में बदलाव चीन पर निर्भरता घटाएगा भारत, Tata Group बनाएगा AC के कंप्रेसर; Voltas और Atomberg का जॉइंट वेंचर