महासमुंद जिले में चेक बाउंस मामलों के समाधान के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस अदालत में 42 जटिल प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण किया गया।
मामलों के निपटारे के तहत 1 करोड़ 81 लाख 87 हजार 947 रुपए का अवार्ड पारित हुआ।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर किया गया था।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया के मार्गदर्शन में अदालत संचालित हुई।
चेक बाउंस मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 10 खंडपीठों का गठन किया गया था।
प्रत्येक खंडपीठ में अनुभवी सुलहकर्ता सदस्य नियुक्त किए गए थे।
समझाइश के बाद कई वर्षों से लंबित मुकदमों का कुछ ही समय में समाधान हुआ।
विशेष लोक अदालत में परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया।
आपसी समझौते से पक्षकारों को लंबी कानूनी प्रक्रिया और मानसिक तनाव से राहत मिली।
लोक अदालत में पारित अवार्ड के बाद विवाद का स्थायी समाधान हो जाता है और आगे अपील का प्रावधान नहीं होता।
अधिकारियों ने बताया कि चेक बाउंस मामले में दोषी पाए जाने पर सजा और चेक राशि के दोगुने तक जुर्माने का कानूनी प्रावधान है।

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