एसवीकेएम के प्रवीण गांधी कॉलेज ऑफ लॉ को स्वायत्त दर्जा मिल गया है। यह मुंबई यूनिवर्सिटी से संबद्ध पहला लॉ कॉलेज बन गया है जिसे यूजीसी ने यह मान्यता दी है। यह दर्जा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से अगले 10 वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा। स्वायत्तता मिलने के बाद कॉलेज अपने पाठ्यक्रम में बदलाव कर सकेगा। संस्थान नए अंतरविषयक पाठ्यक्रम शुरू करने और आधुनिक शिक्षण पद्धतियां अपनाने की योजना बना रहा है। कॉलेज उद्योग जगत के साथ सहयोग को भी मजबूत करेगा। पांच वर्षीय बीए एलएलबी कार्यक्रम को समकालीन कानूनी शिक्षा और कौशल विकास पर केंद्रित किया जाएगा। संस्थान का लक्ष्य छात्रों को बदलते कानूनी क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है। स्वायत्त दर्जे से कॉलेज को अकादमिक फैसले लेने में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी। यूजीसी की मंजूरी को संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस कदम से कानूनी शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ का इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय बना वैश्विक पसंद, 23 देशों के छात्रों ने किया आवेदन कृषि विवि का बायो-इंक्यूबेशन सेंटर चार साल बाद भी अधूरा, लागत 14 से बढ़कर 26 करोड़ हुई