उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों के लिए योगी सरकार ने नई भर्ती नीति लागू की है। प्रमुख सचिव एम. देवराज द्वारा घोषित इस नीति के तहत चरित्र सत्यापन से पहले प्रोविजनल नियुक्ति मिलेगी। गंभीर अपराधों में शामिल अभ्यर्थियों को अयोग्य माना जाएगा। इस नीति से अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रोविजनल जॉइनिंग दी जाएगी। सरकार ने यह कदम भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए उठाया है। गंभीर अपराधों में लिप्त पाए जाने पर नियुक्ति रद्द की जा सकती है। अभ्यर्थियों को पारदर्शिता का लाभ मिलेगा। विभागों को नई नीति के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों को फायदा होगा। सरकार का लक्ष्य समय पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करना है। अभ्यर्थियों ने इस नीति का स्वागत किया है। Source: Source Post navigation यूपी में चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर तबादले! 2000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों और 20 से अधिक IPS अफसरों पर मंडराया स्थानांतरण का खतरा रायपुर में 29 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला: कई थानों समेत महिला थाना, यातायात विभाग और कंट्रोल रूम में नई तैनाती