हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के आधिकारिक विदेश दौरों के प्रस्तावों को लेकर नियमों में कड़ा बदलाव किया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब कोई भी विभाग या अधिकारी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को विदेश दौरे की फाइल मंजूरी के लिए नहीं भेजेगा। सरकार के संज्ञान में आया था कि विभिन्न विभागों और बोर्ड/निगमों द्वारा विदेश प्रतिनिधिमंडलों और दौरों के प्रस्ताव सीधे मुख्यमंत्री के पास मंजूरी के लिए भेजे जा रहे थे, जिस प्रक्रिया में प्रशासनिक निगरानी, नियमों का पालन और बजट संबंधी पहलुओं की सही जांच नहीं हो पा रही थी। कार्मिक विभाग ने विदेश सहयोग विभाग के आयुक्त और सचिव को भी निर्देश जारी किए हैं कि विभाग द्वारा प्रोसेस किए जाने वाले सभी विदेश दौरों के प्रस्तावों को मुख्यमंत्री के पास भेजने से पहले अनिवार्य रूप से मुख्य सचिव कार्यालय से रूट किया जाए। नई प्रक्रिया के तहत हर फाइल पहले मुख्य सचिव कार्यालय से गुजरेगी। इससे विदेश दौरों की मंजूरी में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित होगा। सरकार ने अधिकारियों से नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार होगा।

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