राम मंदिर में दान पेटी चोरी मामले की एसआईटी जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच से पता चला है कि रामाशंकर यादव उर्फ टीनू बिना किसी आधिकारिक अनुमति के दान पेटियों की चाबियां अपने पास रखता था। टीनू ने अपने एक रिश्तेदार को मंदिर की संवेदनशील कैश काउंटिंग टीम में अवैध रूप से शामिल करवाया था। जांच में मंदिर की दान संग्रह प्रणाली में सुरक्षा की बड़ी खामियां और बैंक प्रोटोकॉल का पालन न होना उजागर हुआ है। इस मामले में कुल सात लोगों के खिलाफ मंदिर के दान के गबन का प्रथम दृष्टया मामला बनता है। एसआईटी की रिपोर्ट ने मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी टीनू की भूमिका को लेकर अब सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी है। सुरक्षा मानकों में चूक को सुधारने के लिए प्रशासन ने कड़े निर्देश दिए हैं। दोषियों को बख्शने के बजाय गहन पूछताछ की प्रक्रिया जारी है। जांच दल अन्य संदिग्धों की संलिप्तता की भी बारीकी से पड़ताल कर रहा है।

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