छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रावतपुरा सरकार फोन टैपिंग मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने CBI द्वारा की गई फोन टैपिंग को अवैध करार दिया है। मामला रावतपुरा संस्थान के चेयरमैन और कथावाचक रवि शंकर महाराज से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने टैपिंग से जुड़ी रिकॉर्डिंग को नष्ट करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने फोन निगरानी की प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों पर विचार किया। इस मामले में फोन टैपिंग की वैधता को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने रिकॉर्डिंग को बनाए रखने को उचित नहीं माना। फैसले से मामले से जुड़े पक्षों को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब रिकॉर्डिंग को हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह फैसला फोन निगरानी और निजता के अधिकार से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Source: Source Post navigation कर्नाटक हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में डॉक्टर की बहाली रद्द की, निलंबन किया बहाल भूख से तंग बेटी की हत्या मामले में हाईकोर्ट सख्त, कहा- यह सिर्फ अपराध नहीं समाज का नासूर है