लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। अब इस कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने निलंबित अधिकारियों में से एक के खिलाफ की गई कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। समिति का कहना है कि संबंधित अधिकारी को बिना पर्याप्त तकनीकी जांच के जिम्मेदार ठहराया गया है। यूनियन के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या भवन के अंदर की इलेक्ट्रिकल खराबी हो सकती है। उनका दावा है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अधिकारी की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी साबित नहीं होती। समिति ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वास्तविक कारणों का पता लगाए बिना कार्रवाई करना उचित नहीं है। यूनियन ने विशेषज्ञों की टीम से पूरे घटनाक्रम की जांच कराने पर जोर दिया है। उनका मानना है कि तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इस मुद्दे पर कर्मचारी संगठनों ने भी अपनी चिंता व्यक्त की है। मामले को लेकर प्रशासन और कर्मचारी पक्ष के बीच मतभेद सामने आ गए हैं। अब सभी की नजर संभावित तकनीकी जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है। Source: Source Post navigation ESMA की चेतावनी बेअसर, आधी रात से HRTC हड़ताल पर; 2800 बसों के पहिए थमने के आसार अजमेर में रोडवेज बस में लगी भीषण आग, चालक की सतर्कता से 37 यात्रियों की बची जान