वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे के अवसर पर पोप लियो चतुर्दश ने सभी विश्वासीं को स्मरण करने की अपील की कि वे उन पत्रकारों को न भूलें जिन्होंने सत्य की खोज में अपनी जान न्यौछावर कर दी। पोप ने विशेष तौर पर उन रिपोर्टरों को सलाम किया जो सशस्त्र संघर्षों, आतंकवादी हमलों और परिसीमान क्षेत्रों में कार्यरत थे, जहाँ लीडरशिप, दमन और हिंसा का माहौल रहता है। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान लोकतंत्र, मानवाधिकार और स्वतंत्रता की बेसिक नींव को सुदृढ़ बनाता है और यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह उनके साहस को सम्मानित करे। पोप ने मीडिया संस्थाओं से भी आग्रह किया कि वे इन शहीद पत्रकारों की कहानियों को आगे बढ़ाते रहें, ताकि उनका आवाज़ कभी मौन न हो। इस संदेश ने वैश्विक पत्रकारों के बीच एकजुटता की भावना को जगाया और प्रेस की स्वतंत्रता के महत्व को फिर से उजागर किया। Post navigation धामी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात, सिलिंडर नीति व आपदा प्रबंधन पर चर्चा सत्तू के हलवे की रेसिपी: गरमी में ऊर्जा और स्वाद का बेहतरीन उपाय