मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहरा गया है। मंदिर ट्रस्ट ने आंतरिक जांच के दौरान वित्तीय गड़बड़ियों का पता चलने के बाद पुलिस कार्रवाई शुरू कराई। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पिछले दो वर्षों में प्राप्त दान की राशि का विशेष ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है। जांच का उद्देश्य दान संग्रह और लेखा-जोखा में संभावित अनियमितताओं की पड़ताल करना है। आरोप है कि कुछ कर्मचारियों ने कथित रूप से वीआईपी दर्शन की सुविधा देने में भी नियमों का उल्लंघन किया। इस मामले में कई मंदिर कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। महाराष्ट्र के विधि एवं न्याय विभाग ने ट्रस्ट की रिपोर्ट की समीक्षा शुरू कर दी है। विभाग जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा। ट्रस्ट का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी। पूरे प्रकरण ने मंदिर प्रशासन और दान प्रबंधन की पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। Source: Source Post navigation डबवाली के देसूजोधा गांव में पीलिया और लीवर संक्रमण का प्रकोप, 26 से ज्यादा लोग बीमार सिंगरौली कॉलेजों में DMF फंड से करोड़ों की खरीद पर सवाल, जांच के लिए पहुंची टीम