हरियाणा के सिरसा जिले में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पब्लिक हेल्थ) ने पेयजल के दुरुपयोग और अवैध कनेक्शनों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। विभाग की एक विशेष टीम ने ऐलनाबाद खंड के अंतर्गत आने वाले गांव पट्टी कृपाल में घर-घर जाकर पेयजल कनेक्शनों की सघन जांच की। जांच के दौरान अधिकारियों को कई घरों और कमर्शियल सर्विस स्टेशनों पर गंभीर अनियमितताएं देखने को मिलीं। टीम ने पाया कि अधिकांश उपभोक्ताओं ने नियमों को ताक पर रखकर एक नहीं, बल्कि दो से तीन अवैध पेयजल पाइपलाइन कनेक्शन ले रखे थे। इन अवैध कनेक्शनों के जरिए सरकारी सप्लाई के पानी का गाड़ियों की धुलाई और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में सरेआम दुरुपयोग किया जा रहा था। कई जगहों पर तो सप्लाई के समय नलों पर टोटियां न होने की वजह से हजारों लीटर कीमती पानी सड़कों पर बेवजह बह रहा था। विभाग ने इस अवैध जल उपयोग और बर्बादी को बेहद गंभीरता से लेते हुए दोषी मकान मालिकों और सर्विस स्टेशन संचालकों को मौके पर ही कारण बताओ नोटिस थमा दिए हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (बीआरसी) हरि सिंह भिड़ासरा के अनुसार, इस संबंध में लगातार मिल रही जन शिकायतों के बाद एक विशेष टास्क फोर्स का गठन कर यह कार्रवाई की गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि नोटिस मिलने के बाद भी यदि कोई उपभोक्ता नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारी जुर्माने सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने क्षेत्र के बाकी आम नागरिकों को भी सचेत किया है कि वे पेयजल को व्यर्थ में बिल्कुल न बहाएं। भीषण गर्मी के मौसम और पानी की बढ़ती किल्लत को देखते हुए विभाग ने सभी लोगों से नलों पर कैप लगाने और जल संरक्षण के उपाय अपनाने की पुरजोर अपील की है। सार्वजनिक रूप से कहा गया है कि विभाग का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे हर एक उपभोक्ता तक पर्याप्त और स्वच्छ पानी पहुंचाना तथा पानी की हर एक बूंद की बर्बादी को रोकना है।

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