हरियाणा रोडवेज में बसों में बिना टिकट यात्रा करने वालों पर लगाम लगाने और टिकट चोरी रोकने के लिए विभाग ने 797 कर्मचारियों को उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति दी है। लंबे समय से प्रदेश में निरीक्षकों के कई पद खाली पड़े थे और अब कंडक्टरों को पदोन्नति देकर इन पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे बसों में टिकट जांच की व्यवस्था मजबूत होगी और बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों पर कार्रवाई बढ़ सकेगी। टिकट संबंधी अनियमितताओं पर अंकुश लगने से रोडवेज के राजस्व में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। राज्य परिवहन विभाग के महानिदेशक ने पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं और यह तत्काल प्रभाव से लागू होगी। कर्मचारियों को योग्यता और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नत किया गया है। हरियाणा रोडवेज के 24 डिपो में 797 कर्मचारियों को सब-इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नति दी गई है, जिसमें सोनीपत में सबसे ज्यादा 67 और नूंह में सबसे कम 7 कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है। हिसार में 52, भिवानी में 51, जींद में 48, रोहतक और कैथल में 46-46 तथा पानीपत में 45 कर्मचारी पदोन्नत हुए हैं। रेवाड़ी डिपो में 10, नारनौल में 9, गुरुग्राम में 16 और पलवल में 11 कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है। रेवाड़ी रोडवेज डिपो में उप निरीक्षकों के लिए 49 पद रिजर्व हैं, जबकि वर्तमान में केवल 6 निरीक्षक कार्यरत हैं। नए उप निरीक्षकों की मुख्य जिम्मेदारी बसों में टिकटों की जांच करना और टिकट संबंधी अनियमितताओं पर कार्रवाई करना होगी। Source: Source Post navigation गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 3 पटवारी निलंबित: काम में लापरवाही और अधिकारियों के आदेश न मानने का आरोप, कलेक्टर ने की कार्रवाई