बुजुर्गों में उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां कमजोर और नाजुक हो सकती हैं। कई बार मामूली चोट लगने या हल्की ऊंचाई से गिरने पर भी हड्डी टूट जाती है। ऐसी स्थिति में फ्रैक्चर होने के पीछे हड्डियों की कमजोरी एक प्रमुख कारण हो सकती है। ऑस्टियोपोरोसिस ऐसी बीमारी है, जिसमें हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है। इससे हड्डियां कमजोर होकर आसानी से टूट सकती हैं। उम्र बढ़ने के साथ इस बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, हर फ्रैक्चर के पीछे केवल उम्र ही जिम्मेदार नहीं होती। शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी भी हड्डियों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। कुछ अन्य बीमारियां और दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल भी हड्डियों को कमजोर कर सकता है। डॉक्टर अश्विनी मैचंद ने इस समस्या के संभावित कारणों के बारे में जानकारी दी है। बार-बार मामूली चोट से फ्रैक्चर होने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। समय पर जांच से हड्डियों की कमजोरी के कारण का पता लगाने और उचित उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है। संतुलित आहार, पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन डी तथा नियमित शारीरिक गतिविधि हड्डियों को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकते हैं। Source: Source Post navigation Gen Z की नौकरी में पहली पसंद क्या? सैलरी से ज्यादा मानसिक शांति और वर्क-लाइफ बैलेंस पर जोर छत्तीसगढ़ की महिला किसान ने IFS तकनीक से बढ़ाई कमाई, सालाना आय ₹35.48 लाख से बढ़कर ₹42.30 लाख पहुंची