छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 18 सहायक प्राध्यापकों के अकादमिक ग्रेड पे और एरियर से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। ये सहायक प्राध्यापक राज्य के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत हैं। उन्होंने अकादमिक ग्रेड पे और बकाया भुगतान की मांग को लेकर अदालत का रुख किया था। हाईकोर्ट ने राज्य शासन को उनकी पात्रता की जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने ‘लोकमणि यादव’ मामले में तय व्यवस्था के अनुरूप कार्रवाई करने को कहा है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की समिति गठित की जाएगी। समिति प्रत्येक कर्मचारी की पात्रता और दावों की जांच करेगी। पात्र पाए जाने वाले सहायक प्राध्यापकों को नियमानुसार लाभ दिया जाएगा। अदालत ने पात्रता की तारीख से बकाया लाभ देने का भी निर्देश दिया है। इससे संबंधित शिक्षकों को लंबे समय से लंबित आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद बढ़ी है। राज्य सरकार को अदालत के निर्देश के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। मामले में पात्रता जांच और एरियर भुगतान की प्रक्रिया अब महत्वपूर्ण होगी। Source: Source Post navigation PCPNDT Act के तहत लिंग निर्धारण अपराधों की जांच पुलिस नहीं कर सकती: सुप्रीम कोर्ट NALSAR छात्रों के विवाद के बाद Manan Mishra के इस्तीफे की मांग, CJP ने BCI प्रमुख को घेरा