भारत में Gen Z आने वाले वर्षों में सबसे प्रभावशाली मतदाता समूहों में शामिल हो सकती है। इस पीढ़ी ने सड़कों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी सक्रिय भागीदारी दिखाई है। युवाओं की डिजिटल पहुंच और सामाजिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया उनकी बढ़ती राजनीतिक भूमिका को दर्शाती है। अब सबसे बड़ी चुनौती इस ऊर्जा को चुनावी प्रभाव में बदलने की होगी। 2029 के आम चुनावों में युवा मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Gen Z की प्राथमिकताएं रोजगार, शिक्षा, तकनीक और सामाजिक बदलाव जैसे मुद्दों से जुड़ी हैं। राजनीतिक दल भी इस युवा वर्ग की बढ़ती ताकत को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं। सोशल मीडिया ने युवाओं को अपनी राय रखने और अभियान चलाने का नया मंच दिया है। हालांकि, ऑनलाइन सक्रियता को मतदान और राजनीतिक भागीदारी में बदलना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवा मतदाता चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। आने वाले वर्षों में Gen Z की भागीदारी भारतीय लोकतंत्र की दिशा को प्रभावित कर सकती है। Source: Source Post navigation एंटी पेपर लीक बिल आज राज्यसभा में पेश होगा, लोकसभा से पहले ही हो चुका है पारित दीपावली तक सुलझ सकता है महानदी जल विवाद, मुख्यमंत्री ने जताया सौहार्दपूर्ण समाधान का भरोसा