छत्तीसगढ़ में वर्षों से लंबित भ्रष्टाचार मामलों की फाइलें अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने फिर से खोल दी हैं। करीब 125 पुराने मामलों की समीक्षा के बाद तीन महीने में लगभग 50 प्रकरणों में चालान या खात्मा रिपोर्ट पेश की गई है। इनमें 1995-96 के समय के 12 पुराने मामले भी शामिल हैं। कई मामलों में आरोपी अधिकारियों की मौत हो चुकी थी, लेकिन केस रिकॉर्ड में अब भी लंबित थे। कुछ प्रकरणों में संबंधित विभागों ने अभियोजन की अनुमति नहीं दी, फिर भी उन्हें वर्षों तक बंद नहीं किया गया। जांच में ऐसे कई मामले सामने आए जिनमें कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कार्रवाई रुकी रही। एक मामले में रिश्वत लेते पकड़े गए इंजीनियर के खिलाफ विभागीय अनुमति नहीं मिलने से केस लंबित था। वहीं, मध्य प्रदेश सहकारी आवास संघ से जुड़े 30 साल पुराने फर्जी ऋण मामले में अब चालान पेश किया गया है। दुर्ग के एक भ्रष्टाचार मामले में सभी आरोपियों की मौत के बाद अब खात्मा रिपोर्ट दाखिल करने की तैयारी है। EOW ने लंबित मामलों की संख्या 126 से घटाकर 90 कर दी है और अगस्त तक इसे आधा करने का लक्ष्य रखा है।

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