राजनांदगांव के डोंगरगढ़ आयुक्त अमित पांडेय की नजरों में एक और वायरल फुटेज ने पुलिस की छवि को धूमिल कर दिया है। इस वीडियो में एक डायल 112 आरक्षक को शिफ़्ट बदलते समय स्पष्ट रूप से पास पास पैसे लेता दिखाया गया है। कई राहगीरों ने घटना को रीयल-टाइम में मोबाइल पर रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिससे रातोंरात ट्रेंड में उछाल आया। पुलिस विभाग ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच का आदेश दिया, लेकिन सार्वजनिक भरोसा पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएँ न केवल सेवा-उपर्युक्त सिद्धांत को नुकसान पहुँचाती हैं, बल्कि नागरिकों के आपातकालीन सहायता पर भरोसे को भी कमजोर करती हैं। अब प्रशासन से अपील है कि इस मुद्दे पर कड़ा कदम उठाया जाए और दोषियों को सख़्त दंडित किया जाए। Post navigation मांगलिक रस्म के दौरान गहरे पानी में उतरीं चार युवतियां, गंगा स्नान के दौरान डूबीं, तलाश जारी प्रिंसेस काटरीन ने ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी