भारत के मुख्य न्यायाधीश सुर्या कांत ने हाल ही में एक याचिका पर टिप्पणी की। यह याचिका कॉक्रोच जनता पार्टी के खिलाफ थी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले को इतनी भावनात्मक तरीके से नहीं लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत को इस तरह के मामलों में दखल देने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश की यह टिप्पणी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आई। यह याचिका कॉक्रोच जनता पार्टी के खिलाफ दायर की गई थी। मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता से कहा कि वे इस मामले को इतनी गंभीरता से नहीं लें。 इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि अदालत को इस तरह के मामलों में सावधानी से काम करना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश की यह टिप्पणी एक महत्वपूर्ण मामले में आई है। Source: Source Post navigation बेटी जिंदा रहे तो बेहतर, तलाक ले लेना अच्छा क्या पुनर्विवाह पर पति को गुजारा भट्टा देना बंद करना चाहिए?