रायपुर के एक्सप्रेस-वे पर सिटी सेंटर मॉल और पंडरी के व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए सड़क खोलने का मामला गरमा गया है। अमलीडीह इलाके में 7 साल से एक सर्विस लेन की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली। एक्सप्रेस-वे पर 24 जगहों पर अवैध रास्तों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बिना जनता की मांग और सार्वजनिक प्रक्रिया अपनाए ही सड़क बना दी। अमलीडीह निवासियों ने अपनी जमीन शासन को दान कर चुके हैं, लेकिन नियमों का हवाला देकर सर्विस रोड नहीं बनाई गई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी जनता की मांग पर सर्विस रोड बनाने की अनुशंसा की है, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली। एक्सप्रेस-वे पर नियंत्रित प्रवेश-निकास की व्यवस्था बनाई गई थी, लेकिन प्रभावशाली लोगों की मनमानी से यह व्यवस्था कमजोर पड़ती जा रही है। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मौके पर बैरिकेड लगाकर विरोध जताया, लेकिन इसके बावजूद मोटरसाइकिल चालक बेरोकटोक आवाजाही करते रहे। Source: Source Post navigation मोहभट्ठा में 10 लाख की सीसी रोड का भूमिपूजन शिक्षा विभाग में शराब पार्टी: 2 कर्मचारी निलंबित