राजस्थान हाई कोर्ट ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं डिस्कॉम्स चेयरपर्सन आरती डोगरा के पक्ष में निर्णायक कदम उठाया। अदालत ने Anti‑Corruption Bureau (ACB) द्वारा शुरू की गई जांच पर तुरंत स्थगन आदेश दिया, जिससे डोगरा को अपराध सिद्धि से बचाया गया। कोर्ट ने कहा कि ACB ने प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियां की हैं और डोगरा को अनुचित दवाब में लाने की कोशिश की गई है। इस फैसले के बाद, पिछले दिन जारी जांच आदेश को पलटा गया और डोगरा को अब किसी भी प्रकार की प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से मुक्त किया गया। हाई कोर्ट की इस तेज़ कार्रवाई को राजस्थानी प्रशासन ने सकारात्मक रूप से स्वागत किया, जबकि विपक्ष ने प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। इस निर्णय से राज्य में प्रशासनिक कार्यकुशलता और न्याय प्रणाली की तत्परता पर नई रोशनी पड़ी है, और यह संकेत देता है कि उच्च पदस्थ अधिकारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय तत्पर है।

By AIAdmin