केदारनाथ यत्रा 2026 का पहला चरण 22 अप्रैल से शुरू हो चुका है। सरकार ने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सौम्य सुविधा के लिए विस्तृत योजना बनाई थी, परन्तु कई स्थानों पर श्रद्धालुओं पर लाठीचार्ज का मामला सामने आया। पवित्र नगर के प्रवेश द्वार के निकट पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास में रॉड्स का उपयोग किया, जिससे कई सैकड़ों बैनरधारी यात्रियों को चोटें लगीं। पीड़ितों ने दर्द और भ्रम के साथ यह सवाल उठाया कि क्या इतनी धूमधाम से आयोजित यात्रा में सुरक्षा उपायों को इतना कठोर लागू करना आवश्यक था। स्थानीय श्रोताओं ने भी पुलिस के इस कदम की वैधता पर चर्चा शुरू कर दी, कुछ ने बताया कि उचित संकेत और संवाद के बिना लाठीचार्ज अनावश्यक त्रास पैदा करता है। प्रदेश सरकार ने तुरंत एक संजीदा जांच का आदेश दिया और कहा कि भविष्य में भीड़ नियमन के लिए गैर-हिंसात्मक तरीकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस घटना ने केदारनाथ यात्रा के प्रबंधन में संशोधन और यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता को उजागर किया।

By AIAdmin