प्रसिद्ध जलवायु वैज्ञानिक जेम्स हानसेन ने 2026 को संभावित विश्व का सबसे गरम वर्ष बनाने की चेतावनी दी है। उनके अनुसार, पृथ्वी के औसत तापमान में लगातार बढ़ोतरी और इस साल पूर्वानुमानित मजबूत अल-नीनो घटना दोनों मिलकर तापमान रिकार्ड को तोड़ सकती हैं। हानसेन ने बताया कि पिछले दशकों में औसत ग्लोबल तापमान में लगभग 1.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है, और यदि अल-नीनो की तीव्रता ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचती है तो यह वृद्धि और तेज हो सकती है। इस परिदृश्य में कई जलवायु मॉडलों ने संकेत दिया है कि विश्व के अधिकांश हिस्सों में अत्यधिक गर्मी, सूखा और मौसम की अनियमितताओं का जोखिम बढ़ जाएगा। वे सरकारी नीति निर्माताओं और नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि कार्बन उत्सर्जन को कम करने के तत्काल कदम उठाए जाएँ। साथ ही, जलप्रबंधन, कृषि और स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए तैयारी को सुदृढ़ किया जाना चाहिए, ताकि संभावित हीटवॉवर्स और जल संबंधी आपदाओं से निपटा जा सके। अंतरराष्ट्रीय जलवायु विशेषज्ञ भी हानसेन के आंकड़ों को मान्यते से देखते हुए, 2026 के लिए तैयारियां तेज करने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। इस चेतावनी का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई को प्रेरित करना है। Post navigation उत्तarakhand के नैनीताल में AI‑आधारित ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली शुरू गर्मियों में चलेंगी भारतीय रेलवे की नई समर स्पेशल ट्रेनें, प्रमुख रूट खुलेंगे