सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, हमारी सभ्यता का अटूट संकल्प है. इसके सामने लहराता विशाल समुद्र अनंत काल की अनुभूति कराता है. इसकी लहरें हमें सिखाती हैं कि तूफान चाहे कितने भी विकराल क्यों न हों, मनुष्य का साहस और आत्मबल हर बार फिर से उठ खड़ा होने में सक्षम है. Post navigation Oil prices rise after US and Iran exchange fire in Hormuz strait प्रिंस ने हिला दिया किंग का सिंहासन! कोहली को बोल्ड कर छाया ये बॉलर