हरियाणा का एनएच-152डी देश के आधुनिक हाईवे में गिना जाता है, लेकिन लगातार हादसों के कारण यह चिंता का विषय बन गया है। पिछले चार वर्षों में इस मार्ग पर कई गंभीर दुर्घटनाएं हुई हैं। राजस्थान से हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर जाने वाले यात्री बड़ी संख्या में इस हाईवे का उपयोग करते हैं। हाल ही में महेंद्रगढ़ जिले के बूचावास के पास एक निजी बस खड़े ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में राजस्थान के दो यात्रियों की मौत हो गई और 16 लोग घायल हुए। इससे पहले भी इसी क्षेत्र में हुए एक अन्य हादसे में तीन लोगों की जान गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रक चालक अक्सर वाहनों को लेन या आपातकालीन लेन के पास खड़ा कर देते हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। पिछले वर्षों में हाईवे पर आग लगने और वाहनों की टक्कर से कई जानें जा चुकी हैं। कोहरे और तेज रफ्तार भी हादसों की बड़ी वजह बनकर सामने आई हैं। रोहतक, जींद, कुरुक्षेत्र और चरखी दादरी क्षेत्रों में भी कई गंभीर दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने बेहतर निगरानी और सख्त यातायात प्रबंधन की आवश्यकता बताई है। लोगों का मानना है कि नियमों का कड़ाई से पालन और सड़क पर खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। बढ़ती दुर्घटनाएं अब प्रशासन के लिए भी गंभीर चुनौती बन चुकी हैं।

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