अपोलो मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा चाँद की सतह पर लगाए गए अमेरिकी झंडे अब अपने मूल रंग खो चुके हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि पिछले 50 वर्षों में उन पर पड़े तीव्र सौर विकिरण ने कपड़े को काफी हद तक प्रभावित किया है। चाँद पर वातावरण न होने के कारण सूर्य की किरणें सीधे और बेहद तीव्र प्रभाव डालती हैं। इसके साथ ही वहाँ दिन और रात के बीच होने वाले अत्यधिक तापमान बदलाव भी सामग्री को नुकसान पहुँचाते हैं। इन परिस्थितियों ने झंडों के रंग को धीरे-धीरे फीका कर दिया है। संभावना है कि अब वे सफेद या बहुत हल्के रंग के दिखाई देते हों। हालांकि उनके रंग बदलने के बावजूद झंडों के डंडे अभी भी खड़े हैं। यह चाँद के कठोर वातावरण के बावजूद उनकी संरचनात्मक मजबूती को दर्शाता है। ये झंडे मानव अंतरिक्ष इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का प्रतीक बने हुए हैं। वैज्ञानिक इस बात को अंतरिक्ष वातावरण के दीर्घकालिक प्रभाव के अध्ययन के रूप में देखते हैं। यह घटना अंतरिक्ष में सामग्री के क्षरण को समझने में मदद करती है। Source: Source Post navigation अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौता, लेकिन लेबनान और हिज्बुल्लाह को लेकर बनी नई चुनौती ट्रंप और नेतन्याहू के रिश्तों में दरार? ईरान नीति को लेकर बदले समीकरणों ने बढ़ाई हलचल