त्रिची-करूर नेशनल हाईवे के समीप रेलवे द्वारा लगाई जा रही नई फेंसिंग (बाड़) का स्थानीय वाहन चालकों और निवासियों ने कड़ा विरोध किया है। वाहन चालकों का तर्क है कि इस बाड़बंदी के कारण सड़क पर आवाजाही के लिए जगह कम हो रही है और भविष्य में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस फेंसिंग के निर्माण से उन रास्तों का उपयोग करना कठिन हो गया है जिनका वे वर्षों से उपयोग कर रहे हैं। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि प्रशासन को सड़क सुरक्षा और स्थानीय निवासियों की सुगमता को ध्यान में रखकर इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर इलाके में तनाव बना हुआ है और लोग निर्माण कार्य रोकने की मांग कर रहे हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य है। हालांकि, वाहन चालकों की आपत्ति को देखते हुए मामला अब चर्चा में आ गया है। स्थानीय प्रशासन मामले में हस्तक्षेप की तैयारी कर रहा है। लोगों ने अपनी मांग के समर्थन में नारेबाजी भी की है। अब देखना होगा कि रेलवे और स्थानीय प्रशासन इस समस्या का क्या समाधान निकालते हैं। Source: Source Post navigation पठानकोट में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स की हड़ताल: 22 जून से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर, 2 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास का घेराव शिवनाथ नदी में मगरमच्छ दिखने से ग्रामीण दहशत में: सोशल मीडिया पर फोटो वायरल, वन विभाग अलर्ट पर