पश्चिम बंगाल के शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या कांड में जांच एजेंसी ने एक बड़ा मोड़ देखा है। स्पेशल इंटेलिजेंस टीम (SIT) को पता चला है कि हत्या में इस्तेमाल की गई कार को OLX प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए डाला गया था। यह कार सिलीगुड़ी के जेम्स विलियम्स के नाम पर रजिस्टर्ड थी, जिसका संबंध अभी तक नहीं बताया गया है। इस बात का पता लगाने से मामले में नई दिशा मिली है।

चंद्रनाथ रथ की हत्या 2022 में दिल्ली के एक होटल में हुई थी, जिसके बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने SIT का गठन किया था। यह मामला राजनीतिक तनाव से जुड़ा हुआ था, क्योंकि रथ अधिकारी के निजी सचिव थे। अब जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने बदले के लिए कार का इस्तेमाल करते हुए एक आसान तरीका अपनाया। इससे आरोपियों के पहचान और उनके नेटवर्क को लेकर नई जानकारी मिलने की संभावना है।

SIT के अधिकारियों ने बताया कि कार के OLX पर बिक्री वाले पोस्ट के जरिए चार लोगों ने क्वेरी की थी। इनमें से एक उत्तर प्रदेश के लोग भी शामिल थे। यह बात खासी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे आरोपियों के बाहरी राज्यों से जुड़ाव का संकेत मिला है। अधिकारियों का मानना है कि यह नई जानकारी मामले के निष्पादन में मददगार साबित होगी। अभी तक आरोपियों के बारे में अधिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन यह खुलासा जांच को नई दिशा दे रहा है।

इस घटना से आम लोगों को ध्यान देने की जरूरत है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर गाड़ियों के बिक्री के लिए डाले जाने वाले पोस्ट्स का उपयोग अपराधियों द्वारा भी किया जा सकता है। पुलिस ने इस मामले में सभी OLX यूजर्स से संपर्क करने की योजना बनाई है। यह घटना दिखाती है कि आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग अपराधियों द्वारा भी किया जा सकता है। अब जांच केंद्र पर फोकस है कि इस कार का उपयोग किसने किया था और कौन से लोग इसके जरिए जुड़े हैं।

जांच टीम अब उन चार लोगों की पहचान करने पर काम कर रही है, जिन्होंने कार के बारे में पूछताछ की थी। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के व्यक्ति की पहचान करना जरूरी है, क्योंकि यह राज्य के बाहर का नेटवर्क दिखाता है। इस मामले में सभी प्रमाणों का विश्लेषण जारी है, और अगले कुछ दिनों में नए आरोपियों के नाम सामने आने की संभावना है। इस घटना से स्पष्ट होता है कि अपराध जांच में डिजिटल ट्रेस का महत्व बढ़ रहा है।