मोहाली पुलिस ने ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत एक नशे के आदी युवक के पुनर्वास की पहल की है। पुलिस ने युवक के खिलाफ केवल कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उसके उपचार पर जोर दिया। अधिकारियों ने युवक की पहचान कर उसके परिवार से संपर्क स्थापित किया। इसके बाद काउंसलिंग के माध्यम से युवक को इलाज के लिए तैयार किया गया। पुलिस ने उसे नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराकर उपचार की व्यवस्था कराई। अधिकारियों का कहना है कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौती भी है। उनका मानना है कि समय पर इलाज और मार्गदर्शन से युवाओं को अपराध की राह पर जाने से रोका जा सकता है। पुलिस ने कहा कि नशे से प्रभावित लोगों का पुनर्वास इस लड़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अभियान का उद्देश्य नशे के शिकार लोगों को मुख्यधारा में वापस लाना है। अधिकारियों ने परिवारों की भूमिका को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया। पुलिस ने आम लोगों से अपील की कि नशे की लत से जूझ रहे व्यक्तियों को छिपाने के बजाय उनके इलाज में सहयोग करें। उनका कहना है कि परिवार का साथ और चिकित्सकीय मदद किसी व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। यह पहल नशा पीड़ितों के प्रति संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है। Source: Source Post navigation मजदूरी भुगतान को लेकर भट्ठा मजदूरों का प्रदर्शन, प्रशासन से न्याय की मांग मानगो में 13.5 करोड़ रुपये की जल परियोजना शुरू, पेयजल व्यवस्था होगी बेहतर