पीएम मोदी ने खर्च घटाने की अपील के बाद, महाराष्ट्र सरकार ने कान्स फिल्म फेस्टिवल प्रतिनिधि भेजने से इस फैसला लिया है। गवर्नमेंट की बैठकों में ऑनलाइन प्रतिबंध के अनुसार, और इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ावा दिया जाएगा। इस समय के महत्वपूर्ण चुनाव के अंतर्गत, सरकार ने आर्थिक संचालन को देखा जा रहा है। कान्स फेस्टिवल प्रतिनिधि की भेजने का विचार मुख्यतः सरकार की अर्थशास्त्री रणनीति का एक हिस्सा बन गया। इसे ध्यान में लें कि कान्स पर भाषण और समाचारों की विशेषता है, जो दुनिया भर के साथ जुड़कर अहसास करवाती है। इसलिए, महाराष्ट्र सरकार ने फेस्टिवल पर भाग नहीं लेने का फैसला लिया है। आगामी दिनों में, सरकार की बैठकों और प्रणालियों में ऑनलाइन उपयोग और इलेक्ट्रिक वाहनों के एकाग्रता होने की समस्याओं का दृष्टिकोण बनाना महत्वपूर्ण होगा। 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation होर्मुज से निकले 10 जहाज, सरकार बोली- तेल और गैस की कमी नहीं जब घरों में सोना रखना हुआ मना था, सरकार ने लगातार सॉल्ड खरीदती रही!