अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर चलाया गया संघर्ष, वैश्विक स्तर पर ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेज़ी लेकर आया है। कीमतों में इस उछाल से लगभग 32.5 मिलियन लोग गरीबी के खतरे में फंस सकते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों को आसमान छू लिया, जबकि अनाज, दाल और तेल जैसे आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतें भी अभूतपूर्व स्तर पर पहुँच गईं। विकासशील देशों में आय में स्थिरता न रहने के कारण, कमजोर वर्ग इन महँगी चीज़ों को वहन नहीं कर पाते, जिससे भोजन की कमी और ऊर्जा अभाव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संघर्ष जारी रहा, तो गरीबी में कटे हुए लोगों की संख्या में और इजाफा होगा, जिससे सामाजिक अशांति और आर्थिक अस्थिरता बढ़ेगी। सरकारें और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ इस संकट को कम करने के लिए आपातकालीन सहायता पैकेज और मूल्य नियंत्रण के उपाय चर्चा में हैं। Post navigation हिगिंस ने 8-3 और 9-4 की गिरावट से उभरकर ओ’सुलिवन को 13-12 से हराया शहडोल में दुल्हन ने किया दूल्हे को अस्वीकार, बारात बेमिरत वापस लौटी