मध्य प्रदेश के शहडोल में आयोजित एक शादी में दुल्हन ने जयमाला के समय ही दूल्हे को नहीं माना। वर अजयारविंद और वर पक्ष के परिवार के बीच तैयारियों में सब कुशल चल रहा था, जब दुल्हन ने अचानक जूही जूही कहकर दूल्हे को अस्वीकार कर दिया। इससे आयोजन में उलटफेर हुआ और बारात के सभी सदस्य हैरानी में पड़ गए। दुल्हन ने कहा कि वह इस शादी को आगे नहीं बढ़ाना चाहती और अपने भविष्य की स्वतंत्रता के लिए यह कदम उठाया है। बंधु-बांधवों और मेहमानों की आश्चर्यचकित प्रतिक्रियाओं के बीच, बारात उजाड़े हुए मन से वापस लौटते हुए सड़कों पर खाली हो गई। इस घटना ने सामाजिक रूढ़ियों और महिलाओं की स्वायत्तता पर बहस को जन्म दिया है।