मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को करूर भगदड़ की दुखद घटना के पीड़ितों के परिवारों को अस्थायी आधार पर सरकारी नौकरियां प्रदान करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला न्यायालय ने मानवीय आधार पर लिया है, हालांकि नियुक्तियां अंतिम अदालती आदेश के अधीन रहेंगी। मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय स्वयं इन प्रभावित परिवारों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। यह पहल पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। गौरतलब है कि करूर में हुई भगदड़ की घटना में कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी, जिसके बाद से ही राज्य सरकार पर पीड़ितों की मदद का दबाव था। सरकार ने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोर्ट का रुख किया था। मुख्यमंत्री विजय ने इन परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। अदालत के इस निर्णय का पीड़ितों के परिवारों ने स्वागत किया है। यह नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम जल्द ही आयोजित किया जाएगा, जिसमें सरकारी उच्चाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। Source: Source Post navigation हाईकोर्ट का अहम फैसला: सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने से पहले देना होगा नोटिस मद्रास हाईकोर्ट का फैसला: करूर भगदड़ पीड़ितों को मिलेंगी अस्थायी सरकारी नौकरियां, सरकार को नीति पेश करने के निर्देश