कमजोर मानसून और कावेरी बेसिन में कम जल प्रवाह के कारण किसानों को नई सलाह दी गई है। मैसूरु और चामराजनगर के किसानों से पानी की अधिक खपत वाली फसलों से बचने को कहा गया है। कृषि विशेषज्ञों ने कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को अपनाने की सलाह दी है। किसानों को बाजरा, दालों और तिलहन जैसी फसलों की ओर रुख करने को कहा गया है। कम बारिश के कारण सिंचाई जल की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका है। अधिकारियों का मानना है कि फसल विविधीकरण से पानी का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है। कावेरी बेसिन में जल संकट को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। किसानों को मौसम और जल संसाधनों के अनुसार खेती की योजना बनाने की सलाह दी गई है। कम पानी वाली फसलें किसानों के लिए जोखिम कम करने में मदद कर सकती हैं। कृषि विभाग टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है। कमजोर मानसून की स्थिति में जल संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। Source: Source Post navigation मेकाहारा के डॉक्टरों ने पीठ में धंसे तीर को निकालकर बचाई मरीज की जान, सफल सर्जरी खंडवा के स्कूल में दो फीट पानी भरा, छात्रों को क्लास तक पहुंचने में परेशानी; बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल