इजराइल की संसद नेसेट को भंग कर दिया गया है, जिसके बाद देश में अक्टूबर में चुनाव होने का रास्ता साफ हो गया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति इन चुनावों में दांव पर मानी जा रही है। संसद भंग होने के फैसले के बाद देश में नई राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है। चुनाव में नेतन्याहू की सरकार के प्रदर्शन और नेतृत्व को लेकर जनता फैसला करेगी। राजनीतिक दल अब आगामी चुनाव की तैयारियों में जुटने की संभावना है। इस चुनाव को इजराइल के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मुकाबला माना जा रहा है। नेतन्याहू के समर्थक और विरोधी दोनों ही चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बना रहे हैं। संसद भंग होने से मौजूदा सरकार का कार्यकाल समय से पहले समाप्त हो गया है। अब नई सरकार के गठन के लिए मतदाताओं का फैसला अहम होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इजराइल के चुनावों पर नजर रखी जा रही है। Source: Source Post navigation कोलकाता में आजादी, विरासत और भारत-फ्रांस संबंधों का हुआ उत्सव बलूचिस्तान में बढ़ते हमलों से पाकिस्तान पर दबाव, सुरक्षा अभियान तेज